पत्रकारिता मैं राजनीती या राजनीती मैं पत्रकारिता
जिनते मुहँ, उतनी बातें |
जितने ख़बरी, उतनी ख़बरें |
किसी के हाथ टांग लगी तो किसी के हाथ सर
और तो और किसी ने तो पूँछ से ही शेर बना लिया
हाँ शेर! कल्पना का कोई सर पैर थोड़े ही होतें हैं
सच, आधा-सच! अरे नही नही झूठ, आधा-झूठ.........भी हो सकता है|
सबका अपना अपना नज़रिया होता है!
व्यूअर/रीडर डीसक्रेशन अड़वाइसड (Viewer/Reader discretion advised)
बार-बार लगातार, वही ढ़ाक के तीन पात, पर मेरे वाला बड़ा है, असली है
प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आजकल राजनितिक बयानबाज़ी का सबसे सरल जरीया है
कोई भी कुछ भी बोल सकता है (मौलिक अधिकार नंबर १)
सो सबकुछ सुना जा सकता है (मौलिक कर्त्तव्य नंबर १)
एक बार फिर से
व्यूअर/रीडर डीसक्रेशन अड़वाइसड (Viewer/Reader discretion advised)....not applicable here...sorry for inconvenience
प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ये तो सिर्फ जरीया भर हैं ख़बरें फैलाने के
मानसिक/सामाजिक उपद्रव फैलने का तो बिलकुल नही
खबरों का सर्टिफिकेशन क्यों नही ! A/U (Authentic/Unconfirmed)
कल बम ब्लास्ट मैं कितने मरे, कितने मारने आये कोई पुष्टि नही सब अनुमान
आप "statistical average" क्यों नही ले लेते
जितने ख़बरी, उतनी ख़बरें |
किसी के हाथ टांग लगी तो किसी के हाथ सर
और तो और किसी ने तो पूँछ से ही शेर बना लिया
हाँ शेर! कल्पना का कोई सर पैर थोड़े ही होतें हैं
सच, आधा-सच! अरे नही नही झूठ, आधा-झूठ.........भी हो सकता है|
सबका अपना अपना नज़रिया होता है!
व्यूअर/रीडर डीसक्रेशन अड़वाइसड (Viewer/Reader discretion advised)
बार-बार लगातार, वही ढ़ाक के तीन पात, पर मेरे वाला बड़ा है, असली है
प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आजकल राजनितिक बयानबाज़ी का सबसे सरल जरीया है
कोई भी कुछ भी बोल सकता है (मौलिक अधिकार नंबर १)
सो सबकुछ सुना जा सकता है (मौलिक कर्त्तव्य नंबर १)
एक बार फिर से
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प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ये तो सिर्फ जरीया भर हैं ख़बरें फैलाने के
मानसिक/सामाजिक उपद्रव फैलने का तो बिलकुल नही
खबरों का सर्टिफिकेशन क्यों नही ! A/U (Authentic/Unconfirmed)
कल बम ब्लास्ट मैं कितने मरे, कितने मारने आये कोई पुष्टि नही सब अनुमान
आप "statistical average" क्यों नही ले लेते